तलाक क्या है ? तलाक किसने बनाई ? जानिए Triple Talaq तलाक-ए-बिद्द्त की हकीकत कुरान से - The Allah

तलाक क्या है ? तलाक किसने बनाई ? जानिए Triple Talaq तलाक-ए-बिद्द्त की हकीकत कुरान से

तलाक एक ऐसा शब्द है जो रिश्तो को तोड़ता है यह एक अरबी शब्द है , इस्लाम में इस शब्द से जुड़ी है एक प्रथा है जिसे आम भाषा में तीन तलाक, अंग्रेजी में ट्रिपल तलाक और अरबी में तलाक-ए-बिद्द्त के नाम से जाना जाता है.

तलाक, ट्रिपल तलाक अथवा तलाक-ए-बिद्द्त क्या है ?

Talaq kya hai talaq kisne banayi janiye talak ke bare me

तलाक एक अरबी शब्द है जिसे ट्रिपल तलाक और तलाक-ए-बिद्द्त भी कहा जाता है. अल कुरान सूरह अल बकरा की आयत 229 और 230 में तीन तलाक और हलाला के बारे में बताया गया है. हलाला क्या है यह हम आपको पहले ही बता चुके हैं. आयत 229 और 230 के अनुसार यदि कोई शख्स अपनी औरत से तीन बार तलाक तलाक तलाक बोल देता है तो दोनों का निकाह खत्म हो जाता है. अब वह औरत उस आदमी के साथ घर में रहने की हकदार नहीं है. अब उसे अपने मायके लौट जाना होगा. तलाक की यह प्रक्रिया निकाह को खत्म करने के लिए बनाई गई है.

तलाक किसने बनाई ?

दुनिया में तलाक का पहला जिक्र कुरान में आया है कुरान पैगंबर हजरत मोहम्मद के द्वारा कहीं गई थी और पैगंबर हजरत मोहम्मद के अनुसार यह सब बातें जो कुछ भी कुरान में लिखी हैं अल्लाह ने हजरत मोहम्मद साहब तक भेजी थी. यानी कि ट्रिपल तलाक अल्लाह और पैगंबर हजरत मोहम्मद ने बनाई.

तलाक कौन दे सकता है ? क्या मुसलमान औरत अपने शौहर को तलाक दे सकती है ?

यह सवाल अक्सर मुसलमानों के मन में उठता रहता है. कुरान में जो जिक्र किया गया है उसके अनुसार आदमी अपनी औरत को तीन बार तलाक बोलकर तलाक दे सकता है. पर कुरान में ऐसा कोई भी नियम नहीं है जिसके अनुसार औरत अपने आदमी को तलाक दे सके. तलाक देने का हक सिर्फ आदमियों को होता है औरतों को नहीं.

तलाक की जरूरत क्या है ?

कोई आदमी किसलिए निकाह करता है ताकि वह औरत के साथ सिर्फ मजे ही नहीं बल्कि जायज  बच्चे पैदा कर सके और दीनी दुनिया में तरक्की करते हुए जन्नत जा सके. पर जब जिस औरतके साथ उसका निकाह हुआ हो उसके साथ उसे वो मज़े न मिले जिसकी वो उम्मीद किये था,  ऐसे में जब मजा किरकिरा होने लगे या फिर उस औरत से मन भर जाए या फिर पुरानी औरत को छोड़कर नया निकाह करने की मर्जी हो तो ऐसे में अल्लाह और पैगंबर मोहम्मद पर यकीन करने वाले यानी मुसलमान के पास औरत को तलाक देने का अधिकार है.

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