मुसलमान किसे कहते है और काफ़िर कौन है ? जानिए कुरान से - The Allah

Wednesday, March 10, 2021

मुसलमान किसे कहते है और काफ़िर कौन है ? जानिए कुरान से

kafir aur muslim me antar


इतनी बड़ी दुनिया है और इसमें तरह-तरह के मजहब और फिरके हैं जिनके मानने वालों को अलग-अलग नामों से पहचान दी जाती है. जैसे सनातन धर्म के मानने वालों को आर्य और हिंदू, जैन पंथ को मानने वालों को जैनी, बौद्ध पंथ के मानने वालों को बुद्धिस्ट, सिख पंथ के मानने वालों को सिख सरदार और ईसाइयत यानी क्रिश्चियनिटी के मानने वालों को ईसाई और क्रिस्चियन कहते हैं, ठीक इसी तरह अल्लाह और उसके पैगंबर के द्वारा दिए गए इस्लाम के मानने वालों को भी एक नाम दिया गया है यह नाम किसी और ने नहीं दिया बल्कि अल्लाह ने खुद ही दिया है. इस्लाम के मानने वालों को मुस्लिम मोमिन और मुसलमान कहते हैं.

मुसलमान किसे कहते है 

मुसलमान कौन लोग हैं इसका जवाब बहुत ही सीधा= वह लोग जो अल्लाह और उसके नबी की बताई बातों पर यकीन लाते हैं और इस्लाम के मुताबिक चलते हैं. वह मुसलमान है. इस्लाम के पांच बुनियादी खम्भे हैं जिनपर हर मुस्लिम को चलना फर्ज है.

इस्लाम के पांच मूल स्तंभ
  1. शहादा
  2. सलात या नमाज़
  3. सौम या रोज़ा
  4. ज़कात
  5. हज

मुसलमानों का फर्ज है कि वह अल्लाह और मोहम्मद के अलावा किसी पर भी यकीन ना करें. यकीन ना करें कि दुनिया अल्लाह के सिवा कोई और बनाएगा, इस दुनिया को बनाने वाला मुसलमान की मुकद्दर को बनाने वाला सिर्फ और सिर्फ अल्लाह है. एकमात्र आखरी पैगंबर का नाम हजरत मोहम्मद   सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम है. मुसलमान वही है जो अल्लाह और पैगम्बर मुहम्मद के अलावा किसी और को मानने वाले के खिलाफ जंग करे.

काफ़िर कौन लोग है ?

काफिर (अरबी كافر (काफिर); बहुवचन كفّار कुफ्फार) इस्लाम में अरबी भाषा का बहुत विवादित शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ - "अस्वीकार करने वाला" या "ढ़कने वाला" होता है।

मोहम्मद के हवाले से अल्लाह ने कुरान में बताया है कि काफिर वह है जो अल्लाह की इबादत नहीं करता उसके दिए गए इस्लाम को नहीं मानता और इस बात पर यकीन नहीं करता, मानने से इनकार करता है की  हजरत मोहम्मद साहब अल्लाह के आखिरी पैगंबर हैं.

मोहम्मद के हवाले से अल्लाह ने कुरान में बताया है कि काफिर वह है जो अल्लाह की इबादत करने से इनकार करता है उसके दिए गए इस्लाम को नहीं मानता और इस बात पर यकीन नहीं करता हजरत मोहम्मद साहब अल्लाह के आखिरी पैगंबर हैं. 

काफी वो है जो जीसस को खुदा या खुदा का बेटा मानता है. काफ़िर वो है जो बुद्ध को महान मानता है, काफ़िर वो है शिव को भगवान् मानता है, काफ़िर वो है जो बुतपरस्ती करता है. काफ़िर वो है जो गुरु नानक को मानता है. काफ़िर वो है जो यहूदी है, काफ़िर वो है जो हिन्दू है, काफ़िर वो है जो बौद्ध है.  काफ़िर वो है जिसका खुदा अल्लाह नहीं है.

कहने के मायने यह है अल्लाह, पैगंबर मोहम्मद, कुरान और इससे मिलकर बनने वाले इस्लाम के अलावा यदि कोई किसी दूसरे मजहब  खुदा भगवान  और गॉड की इबादत करता है तो वह काफ़िर है. अगर कोई मुसलमान एसा करता है तो वो भी काफ़िर होता जाता है.

काफिरों के साथ असली दोस्ती करना हराम है, काफ़िर मुस्लिमो का दुश्मन है, अल्लाह ने कुरान में काफिरों के साथ अंत तक जंग करने का हुक्म दिया है. 

Share to spread

Comment here